विकलांग शेख अहमद अमन को एक हज़ार रूपये पेंशन के लिए जाना पड़ा उच्च न्यायालय
शेख अहमद अमन एक विकलांग व्यक्ति है और थैलेसिमिया से ग्रसित है जो झारखण्ड विकलांग मंच का सक्रिय सदस्य और झारखण्ड थैलेसिमिया विकलांग मंच का अध्यक्ष है । प्रार्थी झारखंड सरकार के द्वारा लागू स्वामी विवेकानंद निःशक्त स्वावलम्बन योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहा था। उक्त योजना के तहत विकलांग व्यक्ति को हर माह 1 हज़ार रुपया का वितीय लाभ दिया जाता है। परंतु विगत नवंबर 2019 से उसे यह लाभ मिलना बंद हो गया।
झारखंड में बहुत सारे विकलांग व्यक्ति को कई महीनों से उक्त स्कीम का लाभ नही मिलने के कारण राज्य निःशक्तता आयोग द्वारा 23 अप्रैल को सरकार को चिट्ठी लिखा गया कि विकलांग व्यक्तियों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिले। इसके बाद सरकार ने उक्त चिट्ठी पर संज्ञान लेते हुए सारे सहायक निदशेक को दिनांक 5 मई को आदेश जारी किया कि वो विकलांग व्यक्तियों के भुगतान को सुनिश्चित करें।
लेकिन झारखंड के बहुत सारे विकलांग व्यक्ति को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। इसी क्रम में प्रार्थी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया| जिसमें हाई कोर्ट ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को यह आदेश दिया है कि वो प्रार्थी के मामले में जांच करने के बाद 1 सप्ताह के अंदर योजना के तहत मिलने वाले लाभ का एवं सारे बकाया राशि का भुगतान करें।
इससे सबंधित प्रार्थी दूारा उपायुक्त कार्यालय में रिप्रजेंटेशन पत्र दिया गया।
शेख अहमद अमन बनाम झारखंड राज्य का केस संख्या WPC 1422/2020 की सुनवाई जस्टिस राजेश शंकर के कोर्ट में हुई। हाईकोर्ट में शेख अहमद अमन के तरफ से पैरवीकार वकील अनूप कुमार अग्रवाल ने किया।
Viklang Kendra Sarkar ko sochana chahie ki number se pension band hai viklang ko e-pension chaudhari milana chahie Sarkar ki ki jimmedari hai
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