न्याय और #हक की लड़ाई में दोस्त!!
दोस्ती पर एक कविता:
न्याय और #हक की लड़ाई में दोस्त!!
एक राह के हम मुसाफिर, संग चलने वाले,
संघर्षों में अडिग, हौसलों के रखवाले।
अरुण की वाणी में हक़ की गूंज,
सब के संकल्प से न मिटे कोई मंज़र धुंध।
न्याय की राह पर हम सब अटल,
हर पीड़ा का रखते हैं हल।
जहाँ ज़रूरत, वहाँ आवाज़ बनते,
कमज़ोरों के हक़ की पहचान बनते।
दुश्वारियों से न डरते, न झुकते,
हर तूफान में एक-दूजे का हाथ थामते।
हम-सब, संग सदा खड़े,
सच और हौसले की जोत जलाए बढ़े।
रचनाकार - अरुण कुमार सिंह
#संघर्ष #सत्य #हक़ #न्याय #ArunKumarSingh
(यह कविता हम सब #दोस्ती और #न्याय की लड़ाई में साथ देने की भावना को समर्पित है।)
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