कब आएंगे साहब, व्हील चेयर लेने के लिए?
हाल ही में जमशेदपुर सदर प्रखंड में दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर वितरण समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उन लोगों की सहायता के उद्देश्य से था, जिन्हें अपनी दैनिक ज़िंदगी में चलने-फिरने में कठिनाई होती है। लेकिन यह विडंबना ही है कि जिन दिव्यांगजनों को इस सुविधा की सबसे अधिक आवश्यकता थी, उन्हें समारोह स्थल तक पहुँचने के लिए उबड़-खाबड़ और गिट्टी से भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ा। ✅ सुविधाओं की कमी या प्रशासन की उदासीनता? दिव्यांगजनों के लिए योजनाएं बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन जब इन्हीं योजनाओं को लागू करने में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है, तो यह एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सहारा देना था, उसी में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। समारोह स्थल तक जाने वाले रास्तों की दुर्दशा ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया। व्हीलचेयर जैसे सहायक उपकरण प्रदान करने की पहल सराहनीय है, लेकिन जब बुनियादी सुविधाएँ ही दिव्यांगजनों के अनुकूल न हों, तो ऐसी पहलें अपने उद्देश्य को पूर्ण नही...