भारतीय रेलवे और दिव्यांगजन का सुगमता?

यह तस्वीरें भारतीय रेलवे की टाटानगर स्टेशन में "दिव्यांगजन" कोच की वास्तविकता को दर्शाती हैं जबकि यह स्थिति पूरे देश में है। यह कोच भले ही विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए हो, लेकिन इसमें चढ़ने-उतरने की सुविधा अत्यंत असुविधाजनक है।

✅ मुद्दे:

1. ऊँची चढ़ाई: प्लेटफ़ॉर्म और ट्रेन के प्रवेश द्वार के बीच काफी ऊँचाई है, जो सहायक उपकरण (बैसाखी, व्हीलचेयर) का उपयोग करने वालों के लिए बेहद मुश्किल है।

2. रैंप या लिफ्ट की कमी: दिव्यांगजन के लिए कोई रैंप या स्वचालित लिफ्ट उपलब्ध नहीं है, जिससे स्वतंत्र रूप से चढ़ना असंभव सा हो जाता है।

3. संवेदनशीलता की कमी: 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत रेलवे में समावेशी सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन यह स्थिति जमीनी हकीकत को उजागर करती है।

📢 क्या भारतीय रेलवे दिव्यांगजन की वास्तविक समस्याओं को समझ रही है?
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