लॉकडाउन होने से अनंत पाल है परेशान आगे कैसे खोल पाउंगा दुकान

अनंत  पाल जी बारीडीह जमशेदपुर में पान दुकान चलाते हैं उनका विकलांगता अस्थि बाधित है जो दोनो पैर से है। उनका उम्र 49 वर्ष है उनके परिवार में उनके पत्नी एक बेटी और दो बेटा है उन्होंने अपनी बेटी की शादी कर दी है वर्तमान समय में उनके दोनों बेटे 18-19 वर्ष उम्र के हैं जो गरीबी के चलते पढ़ाई नहीं कर पाए और फिलहाल बेरोजगार है। लॉकटाउन होने से इनका दुकान बंद है और आय का कोई दूसरा स्रोत भी नहीं है। लॉकडाउन के समय 70 दिनों के अंदर इनके पास जो भी दुकान का पूंजी था सारा घरेलू खर्च (राशन) में खत्म हो गया है। इन्होंने बताया कि "मुझे चिंता है लॉकडाउन खत्म होने पर दुकान कि शुरूआत कैसे करूंगा और अगर लॉकडाउन बढ़ेगा तो हमारा घर का खर्चा कैसे चलेगा इस वक्त उधार में भी कोई दुकानदार राशन हम जैसे गरीब लोगो को नही देगा, बहुत मुशकिल लग रहा है़ जीनें के लिए, इससे अच्छा होता की भगवान मुझे मौत दे दे" यह बताते हुए उसके आंखो से आंसू आने लगा और रो पडा़। 
फिर बात-चीत के दौरान बताया कि उसे विकलांगता पेशंन मिलता है़ और राशन कार्ड बना जिससे चावल मिल जाता है़ लेकिन कैैसे चलेगा परिवार का खर्चा।

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