लॉकडाउन से विकलांग राजन कुमार का ट्यूशन सेंटर हुआ बंद जिससे हुई आर्थिक तंगहाली
राजन कुमार 36 वर्षीए अस्थिबाधित विकलांग व्यक्ति है़ जो सीतारामडेरा रिफ्यूजी कॉलोनी जमशेदपुर में किराया के घर पर रहता है। इनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और पिताजी है। राजन कुमार NET क्वालिफाइड है और कॉमर्स का शिक्षक है जो अपने जीविकापार्जन के लिए ट्यूशन सेंटर चलाते है जिसमें वर्ग 8 से लेकर B.COM तक पढ़ाई कराते है l इन्होंने बताया कि लॉकडाउन होने से मेरा ट्यूशन सेंटर बंद हो गया है़ जिससे हमारा आय का जरिया भी बंद हो गया, हम अपने घर का किराया भी दो माह से नही दे पाए है और अपने बेटी का स्कूल फिस दो माह से नही दे सका। परिवार का भी खर्चा है छोटे-छोटे दो बच्चे की जरूरत और पापा के दवाइयां यह सब करना जरूरी है और आय का दूसरा कोई साधन भी नही है़, जो थोड़ा बहुत हमने बचत किया था वह भी इस लॉकडाउन के दौरान खत्म हो गया।
बातचीत के दौरान ही उसने कहा की रात को नींद भी नहीं आती आगे कैसे हमारा घर चलेगा और हम अपने परिवार की जिम्मेदारी कैसे निभा पाएंगे क्योंकि मेरे पास परमानेंट जॉब या सरकारी नौकरी नहीं है इतने पढ़ाई करने के बाद भी आज हम बेरोजगार हैं।
राजन ने बताया कि मुझे विकलांगता पेशंन 1000रू प्रति माह मिलता है़ और राशन कार्ड बना है़ जिससे चावल मिलता है़ पर जमशेदपुर शहर इतने में क्या होगा। लॉकडाउन में सरकार सबके लिए पैकेज कि घोषणाएं किया पर हमारे जैसे लोगो के लिए कुछ नही।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें